क्यों हताश है तू?-By Roshni Kumari

Vinay Kumar
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क्यों हताश है तू?-By Roshni Kumari





कि तू वो नहीं जो निराश हो जाए,

कि तू वो नहीं जो हताश हो जाए।

गिर गया है तो अब उठ तू।

अपने सम्मान के लिए कभी रूठ तू।

कि जमाने के पीछे बेवजह मत भाग तू।

तुझे सफ़ल होना है ये दिल में लगा दे आग तू।

कि मेहनत नहीं करना है कि कोई सराह करेगा।

तू वो नहीं कि दुनिया क्या सोचेगी इसकी परवाह करेगा।

कि तू वो नहीं कि जो झुक जाए तो झुका रहेगा।

कि तू वो नहीं कि जो रुक जाए तो रुका रहेगा।

तू आशा मत कर उस राह आसान की।

करता रह तू प्रयास और भक्ति कर तू भगवान की।

कि सफल होने के लिए ये मत देख प्रतियोगी कितने हैं।

देश बचाने के लिए ये देख कि रोगी कितने हैं ।

कि देने वाला वो  है कभी अपमान करियों मत भगवान की।

और हमेशा संगत रखियो तू अपने से गुणवान की।


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कि अगर उसकी कोई मजबूरी ना होती तो वो कभी बेवफा न होता,
बेवजह तुम्हारी जिन्दगी से कभी वो खफा न होता,
और क्यों दोष देते हो उसे बार बार,
क्योंकि अगर उसमें कोई खूबी न होती तो तुम्हे उससे प्यार इक दफा ना होता।

- Roshni Kumari

कि ध्यान से निर्णय लेना,
क्योंकि मैं तुम्हारे लिये दिन रात रोई,
तुझको याद करते करते ना जाने कितनो को हूं खोई,
और शायद अभी ये गलत लग रहा होगा,
लेकिन बाद में क्या पता मेरे जितना प्यार करना वाला मिले ना फ़िर कोई।

- Roshni Kumari

कि रोज आकर इजहार करते हैं,
घंटों भर तुम्हारा इंतजार करते हैं,
और हमें पता है कि नहीं मिलना है यहां कुछ,
पर फिर भी ना जाने क्यों हम तुमसे प्यार करते हैं।

- Roshni Kumari

किस्मत तो सबकी लिखी होती है,
बस फर्क इतना है कुछ की कलम हमारी होती है,
कुछ की उनकी मुट्ठी में हमारी किस्मत होती है।

- Roshni Kumari

रिश्तों में वफ़ा नहीं रही,
दिलों में दर्द नहीं रहा,
जिंदगी अब पहले जैसी,
बस वो पहला सा मज़ा नहीं रहा।

- Roshni Kumari

मुस्कुराना तो आता था हमें भी बहुत,
पर जब से देखा है तुम्हें,
बिन मुस्कुराए गुजर नहीं होती।

- Roshni Kumari

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Nice Post

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